Isa Ke Ghar Insan (Hindi Story) : Mannu Bhandari

बरामदे में लेटी मिसेज़ शुक्ला की शून्य नज़रें जेल की ऊँची-ऊँची दीवारों पर टिकी थीं। मैंने हाथ की किताबें कुर्सी पर पटकते हुए कहा “कहिए, कैसी तबीयत रही आज?” एक

Nov 14, 2022 - 05:49
Dec 20, 2025 - 11:25
 0  0
Isa Ke Ghar Insan (Hindi Story) : Mannu Bhandari
बरामदे में लेटी मिसेज़ शुक्ला की शून्य नज़रें जेल की ऊँची-ऊँची दीवारों पर टिकी थीं। मैंने हाथ की किताबें कुर्सी पर पटकते हुए कहा “कहिए, कैसी तबीयत रही आज?” एक धीमी-सी मुस्कराहट उनके शुष्क अधरों पर फैल गई। बोलीं “ठीक ही रही! सरीन नहीं आई?”