Yehi Mera Watan (Hindi Story) : Munshi Premchand

सोज़े-वतन का प्रकाशन १९०८ में हुआ। इस संग्रह के कारण प्रेमचन्द को सरकार का कोपभाजन बनना पडा। सोज़े-वतन यानी देश का दर्द -- दर्द की एक चीख़ की तरह ये कहानियाँ जब

Dec 11, 2022 - 11:08
Dec 21, 2025 - 17:54
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Yehi Mera Watan (Hindi Story) : Munshi Premchand
सोज़े-वतन का प्रकाशन १९०८ में हुआ। इस संग्रह के कारण प्रेमचन्द को सरकार का कोपभाजन बनना पडा। सोज़े-वतन यानी देश का दर्द -- दर्द की एक चीख़ की तरह ये कहानियाँ जब एक छोटे-से किताबचे की शक्ल में आज से बावन बरस पहले निकली थीं, वह ज़माना और था। आज़ादी की बात भी हाकिम का मुँह देखकर कहने का उन दिनों रिवाज़ था। कुछ लोग थे जो इस रिवाज़ को नहीं मानते थे। आज पूरे साठ बरस के बाद मुझे अपने वतन, प्यारे वतन का दर्शन फिर नसीब हुआ। जिस वक़्त मैं अपने प्यारे देश से विदा हुआ और क़िस्मत मुझे पच्छिम की तरफ़ ले चली,